मै धनंजय मिश्रा अंतर्राष्ट्रीय हिंदू मंदिर जीणोद्धार समिति का प्रमुख संरक्षण एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते अपनी संस्था के समस्त सदस्यों एवं पदाधिकारी के साथ-साथ समाज उन सभी लोगों से मेरा यह अपील है कि हम सभी को मिलकर तन मन धन के साथ अपनी सनातन संस्कृति एवं धर्म की रक्षा साथ साथ अपने गुरुकुल परंपरा ऋषि, मुनियों की संस्कृति तथा अपनी वैदिक परम्परा साथ ही साथ धार्मिक धरोहरों को भी एकत्रित करते हुए बचाना है धार्मिक धरोहर के रूप में अनेक ऐसे मंदिर हैं जो अति प्राचीन है जो हमारे पूर्वजो के साथ ही साथ विलुप्त होती जा रही है पृथ्वी पर स्थित अमृततुल्य मां गंगा जिसको रघुवंश के अनेक राजाओं ने कठोर तपस्या करके समाज कल्याण के लिए स्वर्ग लोक से पृथ्वी पर अवतरित किया लेकिन समय के साथ-साथ मानव समाज ने माँ गंगा की महत्तता को काम करता चला जा रहा और आज का मानव के रूप में हम सब केवल अपने स्वार्थ से प्रेरित है जिसके इसके कारण गंगा के साथ-साथ कई नदिया अपने विलुप्त अवस्था की तरफ बढ़ रही है जिसका संरक्षण हम सब के मिलकर ही संभव है हमारे देश की सरकारी अपने लाभ के अनुसार मां गंगा के सफाई से संबंधित कार्य करती है आज यह हालत हो गई है कि मां गंगा एक नाले के स्वरूप प्रयागराज में जल प्रवाह हो रहा है आज हम सब मिलकर सामने नहीं आए तो कालांतर माँ गंगा विलुप्त हो जाएंगी मेरे प्रिय साथियों इसी प्रकार प्रयागराज में अनेक स्थलों पर मंदिरों की अवस्था है की अति प्राचीन शिव के मंदिर है जो जर जर की अवस्था में पड़े हुए हैं कोई देखने वाला नहीं है जो लोग हैं वह धन के अभाव में कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं समाज में सनातन धर्म पूजा से संबंध में मुझे भ्रांतियां फैली हुई है जिसके कारण धर्म के ही कुछ लोग मंदिर और मूर्ति पूजा से संबंध में विरोध कर रहे हैं अपने धर्म और सनातन की वास्तविकता को नहीं जानते समाज को जागरूक करने के लिए हमें अपनी पूरी शक्ति के साथ प्रयास करना हैभगवान शिव की आराधना एवं सनातन की आत्मा रूपी धरोहर मंदिर, वेद पुराण, मोक्षदायिनी मां गंगा को बचाने के लिए हमें अपने पूरे शक्तियों लग्न के साथ कार्य करना है मेरे साथियों मुझे पता है संस्था का उद्देश्य इतना आसान अथवा सरल नहीं है शुरुआती समय में लोग अनेक प्रकार की बातें करेंगे हमारे मनोबल को भी तोड़ने का प्रयास करेंगे कहेगे की सारे कार्य संभव है लेकिन हमें पता है कि हम सब मोक्षदायिनी मां गंगा की सेवा अथवा रक्षा के उद्देश्य के लिए प्रतिबद्धित है हम अच्छे से जानते हैं कि भगवान शिव की इच्छा और मां गंगा के आशीर्वाद के बिना कुछ भी संभव नहीं है इस भौतिक संसार मे मानव कल्याण तभी संभव हो सकता है ज़ब गंगा मां अपने स्वरूप में धरती पर विद्यमान रहे हमारी प्राचीन और वैदिक सभ्यता बची रहे हमारे ऋषि मुनियों के साथ-साथ गुरुकुल बचा रहे जहां धर्म के साथ-साथ मानव की उन्नति और विकास का रिक्वेस्ट किया जाता था तभी हमारा जीवन इस लोक में सफल हो सकता है जब हम अपने मंदिरों साधु संतों वेद पुराणों इत्यादि को अपने मूल स्वरूप में बचा सकेंगे और अपने धर्म अथवा सभ्यताओं का प्रचार प्रसार अपने समाज में कर सकें तभी हम अपनी संस्कृति और सभ्यता की रक्षा अपने उद्देश्यों के साथ कर पाएंगे
"वृक्ष न कबहू फल भखै, नदी न संचे नीर परमार्थ के कारण साधून साधन धरा शरीर"
"वृक्ष न कबहू फल भखै, नदी न संचे नीर परमार्थ के कारण साधून साधन धरा शरीर"
रामा-गौधाम गौ शाला प्रतिष्ठा अरैल घाट प्रयागराज
श्री राम मंदिर जीर्णोद्धार वर्ष
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा हनुमान मंदिर पर भूखे को भोजन कराया गया
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू मंदिर जीणोद्धार समिति द्वारा मां गंगा संरक्षण के लिए प्रयास